पौड़ी गढ़वाल : हल्की बर्फबारी के साथ मंगलवार श्री केदारनाथ बाबा के कपाट बंद हो गये ,उस समय केदारनाथ बाबा के मंदिर मै कम से कम १५० से २०० लोगो वहाँ पर थे ।
मंदिर को शीतकाल के लिये बंद कर दिया गया है ,क्योंकि वहा पर शीतकाल मै होने वाली बर्फबारी से पूरा मंदिर ढक जाता है ।और वहा जाने वाला रास्ता पूरी तरह से खराब हो जाता है , इस के चलते चारो धामो को शीतकाल के लिये बंद कर दिया जाता है ,जो कि ६ माह के बाद ही खुलता है ।
केदारनाथ बाबा के दर्शन करने के लिये बहुत से श्रद्धालु विदेश से भी आये हूए थे ।
कपाट बंद होना की रस्म के बाद केदारनाथ बाबा की एक प्रतिमूर्ति डोली के साथ सवार करके उखीमठ ले जाया गया । यहा स्थान पर केदारनाथ बाबा को ६ माह के लिये लाया जाता है,और ६ माह के बाद केदारनाथ बाबा को वापस केदारनाथ घाटी ले जाया जाता है । मंगलवार को ही यमुनोत्री धाम के भी कपाट बंद कर दिये गये हे |
मंदिर के प्रमुख पुजारी बग्याश्वेर लिंग ने वहाँ पर पहले ६ घंटे पूजा पाठ के बाद ही मंदिर के कपाट बंद कर दिये।
( शैलेन्द्र सिंह रावत )
मंदिर को शीतकाल के लिये बंद कर दिया गया है ,क्योंकि वहा पर शीतकाल मै होने वाली बर्फबारी से पूरा मंदिर ढक जाता है ।और वहा जाने वाला रास्ता पूरी तरह से खराब हो जाता है , इस के चलते चारो धामो को शीतकाल के लिये बंद कर दिया जाता है ,जो कि ६ माह के बाद ही खुलता है ।
केदारनाथ बाबा के दर्शन करने के लिये बहुत से श्रद्धालु विदेश से भी आये हूए थे ।
कपाट बंद होना की रस्म के बाद केदारनाथ बाबा की एक प्रतिमूर्ति डोली के साथ सवार करके उखीमठ ले जाया गया । यहा स्थान पर केदारनाथ बाबा को ६ माह के लिये लाया जाता है,और ६ माह के बाद केदारनाथ बाबा को वापस केदारनाथ घाटी ले जाया जाता है । मंगलवार को ही यमुनोत्री धाम के भी कपाट बंद कर दिये गये हे |
मंदिर के प्रमुख पुजारी बग्याश्वेर लिंग ने वहाँ पर पहले ६ घंटे पूजा पाठ के बाद ही मंदिर के कपाट बंद कर दिये।
( शैलेन्द्र सिंह रावत )

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